DIGITAL MARKETING AGENCY

Loading

Archives December 2024

Rajgir Mahosav 2024

Rajgir Mahotsav 2024 : पंच पहाड़ियों के बीच तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का शुभारंभ

Rajgir Mahotsav 2024 : पंच पहाड़ियों के बीच तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का शुभारंभ

Rajgir Mahosav 2024

बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल राजगीर में पंच पहाड़ियों की सुरम्य वादियों के बीच शनिवार को तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का है, बल्कि यह क्षेत्रीय कला, कृषि, और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। पूरी जानकारी के लिए प्रचार प्रगति के इस पोस्ट मे बने रहे :-

ग्रामीण विकास मंत्री ने किया उद्घाटन
राजगीर के स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में आयोजित महोत्सव का I’m उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि राजगीर का इतिहास अत्यंत समृद्ध है। यह स्थल न केवल प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी था, बल्कि भगवान बुद्ध और महावीर के धर्मोपदेशों का प्रमुख केंद्र भी रहा है। मंत्री ने कहा, “भगवान ब्रह्मा द्वारा बसाए गए राजगीर ने प्राचीन काल से ही सर्वधर्मसमभाव का संदेश दिया है।”

ग्रामश्री मेला: आकर्षण का केंद्र

राजगीर महोत्सव के साथ सात दिनों तक चलने वाले ग्रामश्री मेले में व्यंजन, मनोरंजन, कृषि और हस्तशिल्प के लगभग 150 स्टॉल लगाए गए हैं। लिट्टी-चोखा, तिलकुट, और खाजा जैसे पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

कृषि मेला में आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों की प्रदर्शनी किसानों के लिए विशेष आकर्षण रही। किसानों ने यंत्रों और उपकरणों को देखकर गहरी रुचि दिखाई। वहीं, पुस्तक मेले में साहित्य प्रेमियों ने किताबों की खरीदारी की और इसे बौद्धिक समृद्धि का उत्सव बताया।

दंगल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

महोत्सव के पहले दिन आयोजित दंगल प्रतियोगिता में 200 पहलवानों ने हिस्सा लिया। कुश्ती के दांव-पेंच देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। इसके अलावा, दिन में स्थानीय कलाकारों ने क्षेत्रीय नृत्य और संगीत के माध्यम से अपने हुनर का प्रदर्शन किया।

देर शाम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने “बजाओ ढोल स्वागत में, मेरे घर राम आए हैं…” जैसे गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक गीतों के गायक शहंशाह ने भी अपनी प्रस्तुति से माहौल को भक्ति से सराबोर कर दिया।

महिलाओं की कला और प्रतिभा का प्रदर्शन

महिला महोत्सव में महिलाओं ने विभिन्न कलाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी पेंटिंग, हस्तशिल्प, और नृत्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस महोत्सव ने महिलाओं को अपनी कला को मंच पर लाने का एक बड़ा अवसर दिया।

सैंड आर्ट और झांकियां

महोत्सव के दौरान सैंड आर्ट से बनाई गई मगध सम्राट जरासंध की आकृति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी। इसके अलावा, ग्रामश्री मंडप में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई झांकियां भी काफी सराही गईं।

समृद्ध इतिहास और परंपरा का उत्सव

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि “राजगीर महोत्सव 1986 से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, और पुरातात्विक परंपरा को बढ़ावा देना है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह महोत्सव स्थानीय विशिष्टताओं और परंपराओं को अनुभव करने का एक बेहतरीन अवसर है।

महोत्सव में प्रमुख हस्तियां

उद्घाटन कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री के अलावा सांसद *कौशलेन्द्र कुमार, एमएलसी **रीना यादव, विधायक **कौशल कुमार, और डॉ. जीतेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे। सभी ने राजगीर के विकास और इस महोत्सव के महत्व पर बल दिया।

निष्कर्ष

राजगीर महोत्सव न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत की संस्कृति और परंपरा का दर्पण है। यह महोत्सव पर्यटकों को क्षेत्रीय कला, व्यंजन, और कृषि से जोड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। भले ही इस बार मुख्यमंत्री और राज्यपाल के न आने से लोगों में थोड़ी मायूसी दिखी, लेकिन स्थानीय कलाकारों और आयोजकों ने अपने प्रयासों से इसे एक यादगार उत्सव बना दिया।

अगर आप बिहार की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को करीब से देखना चाहते हैं, तो राजगीर महोत्सव में जरूर शामिल हों।

For fair updates, follow us on our social media:
Facebook | Instagram | YouTube
Stay connected and get updates first!